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22 अप्रैल 2024
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सेहत/प्राकृतिक चिकित्सा

सेहत का खजाना है सहजन, फायदे जानिये

Posted on: Tue, 02, Apr 2024 10:20 AM (IST)
सेहत का खजाना है सहजन, फायदे जानिये

तेजी से बढ़ती तरह तरह की बीमारियों से बचने तथा बेटर हेल्थ के लिये ज्यादातर लोग आयुर्वेद को अपना चुके हैं। गंभीर रोगों के इलाज में जब रोगी के पास समय कम हो, या आपरेशन की नौबत हो तो आधुनिक चिकित्सा पद्धति अपनानी चाहिये, रोगी के पास पर्याप्त समय हो अथवा निरोगी काया चाहते हैं तो आयुर्वेद को समझना और अपनाना होगा। प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है जिनका उपयोग करके हम खुद और अपने परिवार को स्वस्थ रख सकते हैं। आज हम आपको ऐसे ही एक पौधे के बारे में बता रहे हैं जिसे हम सहजन के नाम से जानते हैं।

जानिये क्या हैं फायदे

सहजन के गुण आपकों कई सारी बीमारियों से छुटकारा पाने का रास्ता दिखला सकता है। यह हीमोग्लोबिन को बेहतर बनाने में मदद करता है। रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है। लीवर और किडनी को डिटॉक्सीफाई करता है। रक्त शुद्ध करता है, चर्म रोगों को दूर करता है। वजन घटाने में मदद करता है। पाचन किक्रया में सुधार करता है। शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है। तनाव, चिंता और मिजाज को कम करता है। थायराइड फंक्शन में सुधार करता है। माताओं में स्तन के दूध के उत्पादन को बढ़ाता है। इसे बरसों से आयुर्वेद में कई रोगों के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

इसके पत्ते, तना समेत सभी भागों का उपयोग किया जाता है। माना जाता है इसके पत्तों में संतरे से 7 गुना ज्यादा विटामिन सी और केले से 15 गुना ज्यादा पोटैशियम पाया जाता है। आयुर्वेद में सहजन को पूरे 300 रोगों के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। इसलिए इसे कुछ लोग चमत्कारी पेड़ भी कहते हैं। यह सामान्य परेशानी जैसे बाल झड़ने से लेकर अस्थमा और आर्थराइटिस रोगों के लिए फायदेमंद है। सहजन के गुणों की खान होने के बावजूद डॉक्टर दीक्षा इसे बिना किसी एक्सपर्ट की सलाह के बिना अपने आहार में शामिल करने की सलाह नहीं देती हैं।

किस रूप में काम करता है

ऑल इन वन हर्ब है। यह पेड़ एक एंटीबायोटिक, एनाल्जेसिक, एंटीऑक्सिडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीकैंसर, एंटीडायबिटिक, एंटीवायरल, एंटीफंगल और एंटीजिंग के रूप में काम करता है।

भरपूर विटामिन

सहजन में विटामिन ए विटामिन बी 1 (थायमिन) बी 2 (राइबोफ्लेविन), बी 3 (नियासिन) बी- 6 फोलेटएस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन सी), कैल्शियम, पोटेशियम, लोहा, मैग्नीशियम, फास्फोरस और जस्ता आदि प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।

पत्ते का उपयोग

इस पौधे के सभी भाग फायदेमंद होते हैं लेकिन इसके पत्ते सबसे अधिक गुणकारी होते हैं। आप अपने खाना पकाने में ताजा के पत्तों का उपयोग कर सकते है।

फली का उपयोग

इसकी फली सूप और करी के लिए और इसके सूखे पत्तों के पाउडर का भी उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा इसकी फली को उबालकर उसका सूप पीने से गठिया के दर्द से राहत मिलती है।

संक्षेप में

सहजन के सेवन से शारीरिक कमजोरी दूर होती है और खतरनाक संक्रमण से भी बचा जा सकता है. इसके अलावा पेट में दर्द, अल्सर आदि को भी दूर किया जा सकता है. वहीं, यह सब्जी लीवर और किडनी को डिटॉक्सीफाई करने, तनाव, चिंता दूर करने, थायराइड फंक्शन में सुधार करने और ब्रेस्ट मिल्क के उत्पादन को बढ़ाने का भी काम बखूबी करती है।

सावधानी

सहजन की तासीर गर्म होती है, इसलिए ऐसे लोग जिन्हे गर्मी की समस्या (एसिडिटी, ब्लीडिंग, पाइल्स, भारी मासिक धर्म, मुंहासे) होती है, उन्हें इससे बचना चाहिए या सावधानी के साथ इसका सेवन करना चाहिए। जानकारियां आयुष चिकित्सक डा. दीक्षा द्वारा एनबीटी सी ली गई हैं।


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