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27 जून 2022
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देवरिया टु काशी यात्रा का अनुभव एक पत्रकार की कलम से

Posted on: Wed, 20, Apr 2022 10:08 PM (IST)
देवरिया टु काशी यात्रा का अनुभव एक पत्रकार की कलम से

मीडिया दस्तक न्यूज (MDNN) के देवरिया जिला संवाददाता ओपी श्रीवास्तव से वाराणसी जाते समय टीटीई ने 800 रूपये घूस ले लिया। यात्रा जरूरी थी और मजबूरियों के पास बगावत की ताकत नही होती उन्होने 8000 रूपये देना उचित समझा। संवाददाता ने एक लेख के माध्यम से अपने अनुभवों को कुछ इस प्रकार साझा किया है।

इसलिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “न खाऊंगा न खाने दूंगा“ की आदर्श वाक्य पर यदि रेलवे विभाग अमल करने लगे तो रेलवे विभाग सोने के अंडा देना शुरू कर देंगी। लेकिन विभाग में तैनात भ्रष्ट और कामचोर रेलवे कर्मचारियों की वजह से प्रतिदिन लाखों करोड़ों रुपए का नुकसान होता हैं। घूसखोर रेल कर्मचारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को आईना दिखा रहे हैं। घटनाक्रम के अनुसार यह पत्रकार अपनी पत्नी के साथ काशी एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 15018 से देवरिया सदर रेलवे स्टेशन से वाराणसी सिटी के लिए 20 अप्रैल के लिए एसी थ्री टायर कोच संख्या बी 3 में 9 और 12 बर्थ नम्बर पर आरक्षण करवा रखा था।

जिसका पीएनआर नंबर 8450544309 है। परन्तु 20 अप्रैल को 15018 ट्रेन करीब तीन घंटे विलम्ब हो जाने से कृषक एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 15008 से यात्रा करना चाहता था। क्योंकि बनारस पहुंचकर फिर वापस भी काशी एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 25017 से ही देवरिया आना था। जिसका पी एन आर नम्बर 8450544309 है। इस सम्बन्ध में देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर कृषक एक्सप्रेस ट्रेन में तैनात एक टी टी से बात की। उसने नियमों का हवाला देते हुए बताया कि कि जिस ट्रेन में आपका रिजर्वेशन है उसी से यात्रा कर सकते हैं। यदि दूसरी ट्रेन से यात्रा करेंगे तो आपको टिकट बनवाना पड़ेगा।

चूंकि यात्रा करना अत्यंत आवश्यक था इसलिए उसने हमसे दो यात्रियों के लिए ₹ 8000 की मांग की। इसलिए मजबूरी में उस टीटी को 8000 का भुगतान कर दिया और उस टी टी महोदय ने एच 1 कोच में ले जाकर हमे पत्नी सहित बैठा दिया। कोच का नंबर 023001 है। मै अच्छी तरह से जानता था कि टी टी साहब गैरकानूनी काम कर रहे है और मजबूरी का फायदा उठा कर जरूरत से ज्यादा रुपए ले रहे हैं तथा रसीद भी नहीं दे रहे है। मन में यह निर्णय ले लिया था कि इस प्रकरण से शासन प्रशासन के लोगों के अलावा रेल विभाग के आला अधिकारी तथा भारत की भोली भाली जनता को अवश्य जानकारी देगा।

सबसे अहम और संतोषजनक बात यह रही कि उस कोच में तैनात बाराबंकी जिले का एक युवक यात्रियों के लिए चादरें आदि देने का काम करता है और जिसका नाम शायद प्रमोद है। उसने बातचीत करते हुए जब पूरे मामले को समझा तो बताया कि टी टी ने आवश्यकता से अधिक रूपये लेकर अन्याय किया है और गैर कानूनी काम करते हुए रेलवे विभाग को चूना लगा दिया है। उस भले नौजवान ने कहा कि रेलवे में भ्रष्टाचार बहुत बढ़ गया है। वह प्रतिदिन देखता है कि ट्रेन में टी टी कितना मनमानी करते हैं और यात्रियों से ग़ैर कानूनी तरीके से पैसे वसूलते हैं। उसने बताया कि यह टी टी गोरखपुर से वाराणसी सिटी के बीच में चलता है तथा काफी चर्चित है। कई वर्ष से कार्य कर रहा है लेकिन टी टी की मनमानी देखकर उसे बहुत तकलीफ होती है कि देश कैसे और कब इन भ्रष्टाचारियों से मुक्त होगा और इस हाल में देश कैसे तरक्की करेगा।


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