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09 फ़रवरी 2023
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कृषि/बागवानी

कालानमक धान का हब बनेगा बस्ती

Posted on: Sun, 13, Nov 2022 9:44 AM (IST)
कालानमक धान का हब बनेगा बस्ती

बस्ती, 12 नवम्बर। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली के निदेशक एवं कालानमक धान के जनक डा0 ए0के0 सिंह ने आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र, बंजरिया, बस्ती पर आई.ए.आर.आई. नई दिल्ली के सहयोग से कालानमक धान की 34 लाइनों के ट्रायल एवं पूसा-1638 तथा एस0एल0-03 के बीजोत्पादन कार्यक्रम का अवलोकन किया।

उन्होने जनपद में इसके प्रचार एवं प्रसार हेतु किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। केन्द्र द्वारा आयोजित पूसा कालानमक धान उत्पादक परिचर्चा एवं प्रक्षेत्र दिवस का उद्घाटन मुख्य अतिथि डा0 ए0के0 सिंह, निदेशक आई.ए.आर.आई. द्वारा किया गया। उन्होने अपने मुख्य अतिथीय सम्बोधन में कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान कालानमक धान की उत्पादकता एवं सुगन्ध बढाने के लिए निरन्तर नये शोध करके अधिक उत्पादन देने वाली झुलसा रोग अवरोधी प्रजातियॉ विकसित कर रहा है।

ये नवीनतम् प्रजातियॉ पूर्वान्चल के जनपदों के लिए कितनी उपयुक्त है, इसी उद्देश्य से 11 केन्द्रों (बस्ती, सन्तकबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बलरामपुर, श्रावस्ती, गोण्डा व बहराइच) पर कालानमक धान का ट्रायल लगाया गया है तथा पूर्व वर्षों में लगे ट्रायलों से पूसा 1638 एवं एस0एल0-03 का चयन किया गया है जो कालानमक उत्पादन वाले जनपदों में 40-45 कु0 प्रति हे0 उत्पादन भी दे रही है।

उन्होने कहा कि बस्ती जनपद के कालानमक धान की ख्याति पूरे भारत में फैल गयी है। आशा करता हूॅ कि भविष्य में इसके उत्पादन क्षेत्र में बृद्धि होगी, इसलिए इसे और विस्तार देने की जरूरत है जिससे कृषकों को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके और उनकी आय को दोगुना करने में अहम् भूमिका निभा सके। श्रीयुत् गोविन्द राजू एन.एस. (आई.ए.एस.), मण्डलायुक्त बस्ती मण्डल बस्ती ने अपने सम्बोधन में कहा कि कालानमक धान बस्ती की पहचान बन गया है।

कालानमक धान एवं केन्द्र की अन्य गतिविधियों के प्रचार प्रसार में जिला प्रशासन पूरा सहयोग करेगा। पूर्व कृषि निदेशक डा० ओ० पी॰ सिंह पूर्व कृषि निदेशक, उपकृषि निदेशक शोध आजमगढ़ मण्डल,आजमगढ़, डा० हरिथा वैज्ञानिक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली ने भी परीक्षण का अवलोकन किया। केन्द्राध्यक्ष प्रो0 एस0एन0 सिंह ने कहा कि बस्ती जनपद में लगभग 500 हे0 क्षेत्रफल में कालानमक धान का उत्पादन किया जा रहा है जिसके और बढने की सम्भावना है।

इसके लिए कालानमक धान की उन्नतिशील एवं रोग अवरोधी प्रजातियों की उत्पादन तकनीक का जनपद में बृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। प्रगतिशील कृषक परमानन्द सिंह, अरविन्द सिंह, राम मूर्ति मिश्र, अरविन्द पाल ने भी कालानमक धान की विशेषता पर अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर डा0 प्रेम शंकर, डा0 अंजलि वर्मा, श्री हरिओम मिश्र, जे0पी0 शुक्ल, प्रहलाद सिंह, प्रगतिशील कृषक श्री अमित मोहन त्रिपाठी, आज्ञा राम वर्मा, दिनेश वर्मा, योगेन्द्र सिंह, विजेन्द्र पाल आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा0 वी0बी0 सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डा0 डी0के0 श्रीवास्तव ने किया।


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