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11 जुलाई 2020
11 जुलाई 2020

मीडिया दस्तक के बारे में जानें

मीडिया दस्तक न्यूज नेटवर्क प्रा.लि. कम्पनी अधिनियम 2013 के तहत रजिस्ट्रार आॅफ कम्पनीज के द्वारा पंजीकृत एक कम्पनी है। इसकी कार्य की प्रकृति न्यूज एजेंसी की तरह है। मीडिया दस्तक का कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण भारतवर्ष है। देश के विभिन्न क्षेत्रों के समाचारों का संग्रह कर इसे अलग अलग समाचार माध्यमों में प्रकाशित करना इसका प्रमुख उद्देश्य है। 2015 में सोशल मीडिया पर इसकी शुरूआत होने के बाद देश के कोने कोने से जुड़े पाठकों की सराहना तथा कुछ विशिष्ट जनों के सहयोग से एक साल बाद यह एक विश्वसनीय न्यूज एजेंसी बनकर देश के सामने है।

हमारा मानना है कि समाचारों के प्रकाशन के साथ दृष्टिकोण और विश्लेषण भी समाने आने चाहिये। इसका पूरा ध्यान रखा गया है और आगे भी रखा जायेगा। बहुत कम समय में मीडिया दस्तक विश्वसनीय समाचार माध्यम बन चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार अशोक श्रीवास्तव की शुरूआत इस मुकाम पर पहुची है कि दर्जनों पत्रकार, लेखक, साहित्यकार, चिकित्सा विशेषज्ञ का निरन्तर सहयोग मीडिया दस्तक को खास बना रहा है। यह जनता की आवाज बने, समाज के गरीबों, दबे, कुचले, सताये गये लोगों, न्याय व अन्य जरूरतमंदों के पक्ष में उठी मीडिया दस्तक की आवाज असरकारक हो इसी महत्वाकांक्षा से हम निरन्तर आगे बढ़ रहे हैं। वेबसाइट पर समाचारों के अतिरिक्त कृषि बागवानी, धर्म आस्था, सेहत प्राकृतिक चिकित्सा, वैवाहिक जीवन, मनोरंजन, जनमत से जुड़े नियमित अपडेट उपलब्ध हैं।

निकट भविष्य में पाठकों की विशेष मांग और प्रेरणा से अखबारों व पत्रिकाओं का प्रकाशन भी प्रस्तावित है। विगत एक दशक से समाचार माध्यमों से सेहत अैर कृषि से जुड़ी जानकारियों का प्रकाशन लगभग हाशिये पर है। इसे प्रमुखता दिया जाना है। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की जानकारियां देश भर के पाठकों तक पहुचाना है। इन सब कार्यों को बेहद जिम्मेदारी से करना है। लोग मानते हैं कि मीडिया लोकतंत्र का चैथा स्तम्भ है। इसे अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़कर देखा जाता है। मीडिया दस्तक का मानना है कि अनियंत्रित आजादी समाज और देश के लिये खतरनाक है। मीडिया की भी सीमायें हैं, इसकी अपनी मर्यादा है। इसका पालन करते हुये लोगों का भरोसा कायम रखना है।

न्यूज एजेंसी होने के नाते वेबसाइट पर सब्सक्राइबर के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरू की गयी है जिससे आवश्यकतानुसार देश भर के समाचार माध्यम मीडिया दस्तक पर प्रकािशत खबरों की काॅपी कर सके। इसके लिये आवेदक को कुछ आवश्यक जानकारियां रजिस्ट्रेशन के समय देनी होती है। मीडिया दस्तक का प्रबंधन जब अनुमति प्रदान करता है तो सब्सक्राइबर खबरों को काॅपी कर सकता है। यदि कोई समाचार माध्यम मीडिया दस्तक की खबरों का दुरूपयोग करता है तो उसकी सदस्यता रद की जा सकती है। प्रबंधन के पास यह अधिकार सुरक्षित है।