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30 सितम्बर 2020
30 सितम्बर 2020

लोकसभा चुनाव 2019

बस्ती मंडल में जातीय समीकरण ध्वस्त, भाजपा का परचम

Posted on: Thu, 23, May 2019 9:01 PM (IST)
बस्ती मंडल में जातीय समीकरण ध्वस्त, भाजपा का परचम

बस्तीः (प्रसेन, प्रदीप, जीशान हैदर) मंडल की तीनों लोकसभा सीटों पर जातीय समीकरणों को ध्वस्त करते हुये एक बार फिर भाजपा प्रत्याशियों की रिकार्ड जीत दर्ज हुई है। यहां भाजपा को गठबंधन प्रत्याशियों ने कड़ी टक्कर दी। खलीलाबाद सीट पर भाजपा सांसद शरद त्रिपाठी द्वारा अपने ही दल को भरी मीटिंग में जूतो से पिटाई के बाद पार्टी ने उनका टिकट काटकर प्रवीण निषाद को प्रत्याशी बनाया था बावजूद इसके आम जनता की जुबान पर था कि डैमेज कण्ट्रोल करना बड़ा मुश्किल होगा।

लेकिन देर शाम घोषित नतीजों के अनुसार प्रवीण निषाद 464222 वोट पाकर 34561 वोटों से विजयी घोषित किये गये। उनके निकटतम प्रतिद्वन्दी गठबंधन प्रत्याशी भीष्मशंकर उर्फ कुशल तिवारी के हिस्से में 428761 वोट आये। कांग्रेस उम्मीदवार भालचंद यादव 127488 वोटों तक ही सिमट गये। जबकि सिद्धार्थनगर सीट पर भाजपा के जगदम्बिका पाल 492253 वोट पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वन्दी गंठबंधन उम्मीदवार आफताब आलम को 105321 वोटों के अंतर से चुनाव हरा दिया। आफताब को 386932 वोट मिले। कांग्रेस के चन्द्रेश उपाध्याय को महज 60549 वोट मिले।

सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज लोकसभा सीट से बीजेपी के जगदम्बिका पाल ने तीसरी बार चुनाव जीत कर रिकार्ड कायम किया है। गठबंधन प्रत्याशी आफताब ने उन्हे जीत की बधाई दिया है। शानदार बढ़त पर भाउक हूवे जगदम्बिका पाल ने कहा कि यहाँ की जनता का कर्ज मैं कभी नही उतार पाऊंगा। मेरा पूरा जीवन इन्ही के सेवा में लगा रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यहाँ के विकास के लिए अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराएंगे साथ ही मोदी जी के योजनाओं का जनता को लाभ दिलाएंगे।

इसी तरह बस्ती लोकसभा सीट पर भाजपा और गठबंधन प्रत्याशी में कांटे की टक्कर थी। जांतगत समीकरण पर अपनी जीत पक्की समझने वाले गठबंधन उम्मीदवार को भाजपा के हरीश द्विवेदी ने 30 हजार से ज्यादा वोटों से चुनाव हरा दिया। भाजपा के हरीश द्विवेदी को 04 लाख 71 हजार 162 मत मिले। गठबंधन के राम प्रसाद चौधरी को कुल 04 लाख 40 हजार 808 मत, कांग्रेस के राज किशोर सिंह को 86 हजार 920 मत मिले] 10 हजार 335 मत नोटा के खाते में गए। गठबंधन प्रत्यशी राम प्रसाद चौधरी को दूसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा जबकि ऐन चुनाव के समय सपा का साथ छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुये उम्मीदवार राजकिशोर सिंह की करारी हार हुई।