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04 अगस्त 2020
04 अगस्त 2020

सेहत/प्राकृतिक चिकित्सा

आर्सेनिक एलबम में है कोरोना वायरस से लड़ने की ताकत

Posted on: Wed, 24, Jun 2020 3:58 PM (IST)
आर्सेनिक एलबम में है कोरोना वायरस से लड़ने की ताकत

बस्तीः होम्योपैथिक दवा ‘आर्सेनिक एलबम’ कोरोना वायरस से लडने में सक्षम है। इसमे रोग प्रतिरोधक क्षामता बढ़ाने की अद्भुत शक्ति है जो व्यक्ति को कोरोना से लड़ने की ताकत देता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की ओर से इस संदर्भ में पहले ही गाइडलाइन जारी हो चुकी है। यह बातें आयुष चिकित्साधिकारी डा. वीके वर्मा ने कही। वे अपने निजी अस्पताल गोटवा में आये हुये मरीजों को आर्सेनिक एलबम दवा निःशुल्क बांटकर उन्हे जागरूक कर रहे थे। डा. वर्मा बस्ती जनपद मुख्यालय पर जिला अस्पताल के आयुष विंग में तैनात है। डा. वर्मा ने कहा कोरोना वायरस का खतरा सामान्य तौर पर उन लोगों को है, जिनकी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है।

सर्दी-खांसी, जुकाम व सांस लेने में परेशानी, शरीर दर्द होने पर ‘आर्सेनिक एलबम’ -30 नाम की होम्योपैथिक दवा का तीन दिन खाली पेट लेना है। जरूरत महसूस होने पर इसी तरह एक महीने बाद भी इसे लिया जा सकता है। कोरोना हो जाये और बाद में इलाज हो, तरह तरह की परेशानियां हों, परिवार से लेकर प्रशासनिक अमले तक सभी परेशान हों इससे बेहतर है अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाये रखें जो आपकी शरीर पर कोरोना वायरस के संक्रमण का असर नही होने देगा। आयुष मंत्रालय ने एक एडवायजरी जारी करके कोरोना वायरस से बचाव के लिए ‘आर्सेनिक एलबम’ -30 दवा के सेवन करने की बात कही है।

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इस दवाई को दिन में तीन बार लेना होता है। जरूरत पड़ने पर बाद में कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है। फिर भी यह बीमारी ठीक नहीं होती है, तो डाक्टर से परामर्श लेना चाहिये। आमतौर पर एक हफ्ते में व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ हो जाता है। ‘आर्सेनिक एलबम’ वायरल के सभी लक्षणों पर काम करती है। इसलिए कोरोना वायरस से बचाव के लिए यह दवा कारगर है। बचाव और इलाज दोनों के लिए ही इस्तेमाल की जा सकती है। डा. वर्मा ने कहा यह कम प्रतिरोधक क्षमता वालों में व्यक्तियों में फेफड़ों को प्रभावित करता है। ऐसे में जुकाम, सर्दी, छींक, नाक से पानी आना, सिरदर्द होना और बुखार या खांसी को दूर करने के लिए लाभदायक है।

सामान्य तौर पर शरीर में तेज दर्द के साथ कमजोरी, किडनी और लिवर में तकलीफ, निमोनिया, पाचन में गड़बड़ी, तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ इस वायरस के लक्षण है। संबंधित लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टरों को दिखाना चाहिए। खासतौर पर कोरोना मरीज को आइसोलेट करना चाहिए। वहीं वायरस से बचाव के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिये। चूंकि यह वायरस एक इंसान से दूसरे में फैलता है इसलिए भीड़भाड़ वाले इलाके में तीन से छह फुट की दूरी बनाकर चलें। सार्वजनिक वाहन से यात्रा के दौरान दस्ताने पहनें। ‘आर्सेनिक एलबम’ बांटते समय डा. आलोक रंजन, डा. आरएन चौधरी, डा. अभिनव चौधरी, मनोज मिश्रा, डा. चंदा सिंह, डा. पी शर्मा, डा. एम पासवान, डा. विरेन्द्र चौधरी, लाजी यादव आदि उपस्थित थे। डा. वर्मा ने कहा यह दवा अस्पताल पर हमेशा निःशुल्क उपलब्ध है।