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09 फ़रवरी 2023
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छुट्टा पशुओं का आतंक, राह चलना मुश्किल, फर्जी समाचार छपवाकर औपचारिकता निभा रहा प्रशासन

Posted on: Sat, 01, Oct 2022 9:31 PM (IST)
छुट्टा पशुओं का आतंक, राह चलना मुश्किल, फर्जी समाचार छपवाकर औपचारिकता निभा रहा प्रशासन

बस्ती 01 अक्टूबर। छुट्टा जानवरों व बंदरों के आतंक से पूरा शहर परेशान है। इन्हे पकड़कर गौशालाओं में भेजे जाने का आदेश हाशिये पर है। डीएम, सीडीओ कई बार इस आशय का आदेश जारी कर चुके हैं लेकिन इनके आदेशों का कोई असर नही है। नतीजा ये है कि छुट्टा जानवरों के चलते राह चलना मुश्किल हो गया है। कोंई मोहल्ला गली नही है जहां इनका खतरा न हो। छुट्टा जानवरों के हमलों से लोग घायल हो रहे हैं और मौतें भी हो रही हैं लेकिन स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना है। जिलाधिकारी रोजाना बैठकें करती हैं, अफसरों की क्लास लेती हैं, 14 अप्रैल 2022 को नगरपालिका प्रशासन को 100 दिनों तक छुट्टा जानवरों को पकड़वाने का निर्देश दिया था। लेकिन नगरपालिका उनके आदेश को ठेंगा दिखा रही है। 100 दिन क्या, एक दिन भी नगरपालिका प्रशासन ने इस दिशा में कोई प्रयास नही किया।

सैंकड़ों छुट्टा जानवर सड़कों, मोहल्लों में घूमते देखे जा सकते हैं। समझ में नही आता कि जिलाधिकारी का पॉवर कम हो गया है या फिर उनका आदेश नगरपालिका पर बाध्यकारी नही है, अथवा सूचना विभाग से विज्ञप्तियां भेजवाकर समाचार माध्यमों में गुडवर्क छपवाकर केवल वाहवाही लूटने की परंपरा हो गई है। फिलहाल इससे जनता की दुश्वारियां कम होने वाली नही हैं। लोगों का कहना है कि अफसरों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिये, वे जनता से बहुत कुछ चाहते हैं लेकिन ये भूल जाते हैं कि जनता भी उनसे कुछ उम्मीदें करती है।

इससे पहले 02 सितम्बर को मुख्य विकास अधिकारी डा. राजेश प्रजापति ने भी नगरपालिका को आदेशित किया था कि छुट्टा जानवरों को पकड़वाकर गौशालों में भेजा जाये। लेकिन ये आदेश में कूड़े में चला गया। उन्होने यहां तक कहा था कि जानवर खुले में घूमते दिखे तो नगरपालिका और पशुपालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया जायेगा। यह आदेश भी समाचार माध्यमों और कूड़ा पात्र तक सीमित रह गया। धरातल पर इसका कोई असन नही दिखा। बस्ती उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने भी एसडीएम सदर को ज्ञापन देकर छुट्टा जानवरों से निजात दिलाने की मांग की थी, लेकिन इसे भी कूड़े में डाल दिया गया।

ऐसा लगता है जैसे अफसरों की काम करने की इच्छाशक्ति ही मर गई हो। 02 सितम्बर 2022 के आदेंश में सीडीओ डा. राजेश कुमार प्रजापति ने बाकायदा ब्लाकवार टीमों का गठन किया था। टीम के सदस्य अधिकारियों को भेजे गये पत्र में उन्होने निर्देश दिया है कि एक सप्ताह का सघन अभियान चलाकर सभी पशुओं को पकड़कर आश्रय स्थलों में रखना सुनिश्चित करें। एक सप्ताह बाद कोई गोवंश सड़क पर घूमता न मिले। सीडीओ ने गठित टीम में खण्ड विकास अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत तथा राजमार्ग के दोनों तरफ ग्राम पंचायतों के सफाई कर्मी को सदस्य नामित किया था।

उन्होने विक्रमजोत, परसरामपुर, हर्रैया एवं दुबौलिया, गौर, कप्तानगंज एवं बहादुरपुर, कुदरहॉ, बस्ती सदर, बनकटी तथा साउघाट, सल्टौआ, रामनगर एंव रूधौली के लिए 04 टीमें गठित किया था। यह भी निर्देश दिये गये थे कि पकड़े गये जानवरों की सूचना प्रतिदिन मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के मोबाइल नम्बर 9140957314 व्हाट्सऐप पर सूचित करें। इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता एवं लापरवाही बरतने पर संबंधित टीम के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेंगी। मौजूदा सांसद विधायक की भूमिका भी नगण्य लग रही है। ऐसा लगता है इन्हे केवल जनता का वोट लेने से मतलब है, बात सुविधायें देने की आती हैं तो वे हमेशा जिम्मेदारियों से कन्नी काटते नजर आते हैं। निष्कर्ष ये है कि अफसर फर्जी समाचारों के माध्यम से जनता को फील गुड करा रहे है हकीकत बेहद शर्मनाक है।


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